मुलाकातों का सिलसिला

मुलाकातों का सिलसिला यूं ही रोज चलने दो प्यार को धीरे धीरे रोज बढ़ने दो एक क्षण की दूरी ना रहे चाहतों को हर पल करीब रहने दो